MisterAugust
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रचना - देख तमाशा
लेखक - आशुतोष मिश्रा
देख तमाशा दरअसल दिल की डाइय री जैसी है! जो अच्छा लगा, लिख दिया! ज़्यादा कुछ सोचा नहीं! यहाँ आपको लघु कथायें, विचार, कुछ कवितायें, कुछ गुदगुदाती बातचीत, कुछ अजीबोगरीब किस्से मिल सकते हैं! आशा है आपको यह संग्रह पसंद आएगा!
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