lust_fantasy
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अदिति की पलकें फड़फड़ा रही थीं और सुबह की धूप धीरे से उसके चेहरे को सहला रही थी। नील खिड़की के पास खड़ा था, खेल-खेल में पर्दों को खींच रहा था। अदिति दूसरी तरफ मुड़ी। नील उसके पास गया और बिस्तर के पास बैठ गया।
"नीद से जागो स्वीटहार्ट!" वह उसके कान में फुसफुसाया, मुलायम चुंबन के साथ उसके गाल चूमे।
"थोड़ी देर और सोने दो मुझे स्वीटहार्ट," आदिती ने धीमे से कहा। नील के हाथ को हल्के से खींचते हुए उसने कहा, "आओ, मेरे बगल में लेट जाओ।"