Lalsa1
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एक ऐसी कहानी जहां एक लड़की के सपनो को बस रौंदा जाता हो क्योंकि उसकी कोई सुनता नही बस उसके ऊपर विचार थोपे जाते है यह कहकर तुम कुछ नह ी कर सकती क्योंकि तुम लड़की हो।
मेरी भी कहानी कुछ इसी तरह से है मैं चाह कर भी कुछ नही कर पाती क्योंकि मेरे पैरों में एक बेड़िया है जिम्मेदारी की जिसे मुझे पलपल एहसास दिलाता है रुको ठहरो अभी तुम्हारा वक़्त नही आया और मैं खामोश होकर यही सोचती हूं शायद मेरी दुनिया यहीं तक है मगर मैं इस कहानी को लिख रही आखिर मैं चाहती क्या हूं?