Kankuro123
- LETTURE 1,958
- Voti 67
- Parti 15
आरव चौधरी-क्लास का टॉपर, अनुशासन का प्रतीक, और एक रहस्य। उसने कभी किसी से ज्यादा बात नहीं की, उसकी जिंदगी किताबों और परफेक्शन के इर्द-गिर्द घूमती थी। मगर एक अफवाह हमेशा हवा में तैरती रही-उसकी कभी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी, और शायद कभी होगी भी नहीं।
दूसरी तरफ कबीर आहूजा था-बेपरवाह, बिंदास, और पढ़ाई से कोसों दूर। जिंदगी उसके लिए एक मज़ाक थी, शायद इसलिए कि उसने बहुत कुछ खो दिया था। जब टीचर उसे आरव के साथ बैठने की सजा देती हैं, तो वह तय कर लेता है कि इस "Wikipedia" की जिंदगी में थोड़ा हलचल लाएगा। मगर आरव इतना आसान टारगेट नहीं था। छोटी-छोटी नोंकझोंक के बीच कबीर को एहसास होता है कि आरव सिर्फ़ एक ठंडी सतह नहीं, बल्कि अंदर बहुत कुछ दबाए बैठा है। वह आरव के अतीत से टकराता है-एक ऐसा अतीत, जिसमें दर्द, अफवाहें और समाज की बेरहमी छिपी है।