YashDesai781
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कहते हैं काशी में हर खोई हुई चाह, हर अधूरी तड़प अपना मार्ग पा लेती है...
शायद इसलिए निवान और मोक्ष जैसे दो भटके हुए हृदय वहाँ मिले-एक सवाल बनकर, एक शांत-सा उत्तर बनकर।
जो कहानियाँ जीवन भी समझ न पाया... उन्हें गंगा ने दिशा दे दी।"