Prasahni
- Lecturas 1,159
- Votos 123
- Partes 14
ये दिल के फैसले भी ना कितने अजीब होते हैं ना ..........
जिसे हम हर रोज देखते आये हैं,
हर रोज मिलते आये हैं,
"उस पर भरोसा करने के लिए हमारा दिल हजारों बार सोचता है"।
"जिसके बारे में आज के पहले.........
कभी ना सुना,
ना जाना,
ना ही कभी देखा
फिर भी उसके लिए ..........
इतनी बेचैनी क्यों,
क्यों याद करता है दिल उसे,
क्यों उससे मिलने की बाट जोहता,
क्यों उसकी एक बात सुनने को तरसता,
क्यों उसके मैसेज का इन्तजार करता है ये दिल"।
"मेरे साथ यह पहली बार हुआ था, कि मेरे दिल में किसी के लिए घंटी बजी हो,गर्लफ्रेंड तो पहले भी थी मेरी। पर था क्या खास इस लड़की में, कि केवल नाम जानते ही.........
मैं इसका दीवाना सा हो गया।
"हर तरफ बस एक ही तसवीर घूमती रहती जिसमे उसका मुस्कराता हुआ चेहरा। जैसे मेरा उसका जन्मांतर का साथ रहा हो.......
"जैसे वह मुझसे कुछ कहना चाहती हो "
"मैं पा