authorvivek
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"यह किसी विशिष्ट नायक की जीवन यात्रा नहीं , अपितु सभ्यता, संस्कृति, समाज, देश-काल, निर्माण तथा प्रलय को समेटे हुए एक सम्पूर्ण युग की वीर गाथा है ।"
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"यह स्त्री के रूप वैभव की नहीं , उसके लौह भुजदंडो की गाथा है ।"