rajswami2
हर पल मैं तेरा इन्तजार करता हुँ
कभी तो आओ बारिश की तरह
अब तो मेरी आँखों की बारिश भी थम चुकी है
भिगो जाओ मेरा मन,खिल जाए मेरा चमन
मुर्झाया पेड़ जैसा हो गया हुँ
तुम्हारे प्यार का पानी दे जाओ
हो सकता है नई कोम्पलें निकल आये
इस टुटे दिल की गहराई से
Raj swami parlika