Sanchibhatia
विनीत बचपन से ही लड़की की तरह जीने की चाह रखता है, और भाभी के सहयोग से वह धीरे-धीरे सांची बनकर अपना असली रूप अपनाता है।
परिवार में एक दुखद घटना के बाद, उससे सुशांत से शादी कर उसके बच्चे की मां बनने का आ ग्रह किया जाता है, जिसे वह स्वीकार कर लेता है।
शादी के बाद सांची अपने नए जीवन, नई पहचान और परिवार की जिम्मेदारियों में ढल जाती है।
डॉक्टर की मदद से वह शारीरिक रूप से भी महिला बनते हुए एक शांत, घरेलू और खुशहाल जीवन जीने लगती