--अंधेरे के पार --
"ये कहानी सिर्फ लड़ाई की नहीं है...
ये कहानी है डर के उस अंधेरे की...
जहाँ इंसान खुद को खो देता है।
लेकिन...
हर अंधेरे के प ार एक रोशनी होती है।
और......
कभी-कभी जिंदगी तो हमें ऐसी जगह ले जाती है
जहाँ से लौटना तो आसान नहीं होता...
लेकिन अगर साथ सही हो -
तो हर अंधेरा पार किया जा सकता है।"
ये कहानी है डर की..., भरोसे की...,
दोस्ती की..., प्यार की...
और उस हिम्मत की...
जो इंसान को हारने नहीं देती।
क्योंकि...
असली जीत दुश्मन को हराने में नहीं...
खुद को संभालने में होती है।"