शापित वंश
सदियों पुराना एक श्राप, एक क्रूर राजा के पाप, और एक राजकुमारी जो अपने ही ख़ून के राज़ से अनजान है - हेमंतगढ ़ की यह कहानी वहाँ से शुरू होती है जहाँ हर वंशज मौत के मुँह में समा जाता है। जब आख़िरी उम्मीद - युवराज - भी ख़तरे में पड़ता है, तो आत्माओं से बात कर सकने वाला युवक देवेंद्र नियति के हवाले कर दिया जाता है। बारह दिन की मोहलत, एक तालाब में क़ैद खतरनाक आत्मा, और राजकुमारी राजेश्वरी का साथ - देवेंद्र की हर लड़ाई उसे मौत के और क़रीब ले जाती है। पर इस सफ़र में जो सबसे ख़तरनाक चीज़ पनपती है, वह है प्रेम - ऐसा प्रेम जिसकी कीमत आत्मा और शरीर की दूरी से चुकानी पड़ती है, और अंततः शैतान से एक सौदे तक पहुँचती है।