जहाँ रोना मना था..🙂_🥺
Chapter 01 :( बचपन)
बचपन...
एक ऐसा समय,
जो हमें हमारी आख़िरी साँस तक
याद बनकर साथ चलता है।
लेकिन सोचो,
अगर किसी 7 साल की बच्ची ने
अपना बचपन
किसी की जान बचाने की कीमत पर
खो दिया हो?
और 7 साल की उम्र से ही
वो बच्ची
किसी की नज़रों में
अब "छोटी बच्ची" न रही हो...
तो फिर क्या होता है?
सोचते हुए भी डर लगता है।
ज़ेहान -
जो अभी मात्र 7 साल की थी।
उसने अपना बचपन
पूरी तरह खो दिया था।
एक ऐसी घटना,
जो उसके साथ
5 साल की उम्र से
चलती आ रही थी।
वो बेझिझक स्कूल जाती थी।
दोस्तों के साथ खेलती थी,
शरारतें करती थी।
लेकिन उस मासूम,
नन्ही-सी जान ने
अभी तक
इस दुनिया का
असली चेहरा
देखा ही नहीं था।
और तभी...
अचानक उसकी ज़िंदगी
पूरी तरह बदल गई।
उसकी इस कहानी ने
"एक अलग मोड़ चुन लिया।"
वह उम्र के उस दौर में थी
जहाँ वो सिर्फ
एक छोटी-सी गुड़िया थी।
लेकिन उसके एक चाचा
और दो भाइयों की नज़रों में
वो अपना गुस्सा
शांत करने का
केवल
एक म