TAKRAR ft Kareena

TAKRAR ft Kareena

  • WpView
    Reads 2,191
  • WpVote
    Votes 358
  • WpPart
    Parts 10
WpMetadataReadMatureOngoing
WpMetadataNoticeLast published Fri, Mar 13, 2026
This is Kareena story एक गलतफहमी और सब खत्म🥲🥲
All Rights Reserved
Join the largest storytelling communityGet personalized story recommendations, save your favourites to your library, and comment and vote to grow your community.
Illustration

You may also like

  • औरत(Women) 18+
  • Mirror Mirror On The Wall ( ON HOLD )
  • Tere liye
  • The Angel in Disguise
  • नागव्रत
  • Pyaar Aur Junoon
  • नई सड़क पार्ट -3 (मुक्ति) 18+
  • Is It A Defeat?
  • 𝓥𝓪𝓲𝓭𝓮𝓱𝓲 - 𝐇𝐢𝐬 𝐈𝐬𝐡𝐪

"" टांगे पूरी खोल !! हाथ पीछे कर ! फिर वो धुंधला साया नीचे लेटी औरत के मुंह पर तमाचो की बौछार कर देता है ! जब वो धुंधला साया उस औरत को बेरहमी से मारता था तो अवनी की नींद सहम कर खुल जाती थी "" " क्या हर रिश्ता एक औरत के लिए हिफाज़त से भरा होता है ?? हर रिश्ते में एक औरत "अपनापन" ढूंढती है ! क्या उसे सच में हर रिश्ते में अपनापन मिलता है ?? क्यों हर नज़र एक औरत के जिस्म को भूखे भेड़िए की तरह देखती है ?? औरत होना क्या आज के युग में पाप है ? अपने मन की पीड़ा औरत किससे कहे ?? हर रिश्ते की तरफ वो उम्मीद की नजरों से देखती है कि कोई तो हो जो उससे उसका दर्द पूछे ? क्या पूरी जिन्दगी सहते रहना ही एक "औरत" का धर्म है ?? इन सब सवालों में जूझती एक "लड़की " की आप बीती .. जिसको इस बेरहम समाज ने कब "औरत" बना दिया कि उसे भी नही पता लगा !

More details
WpActionLinkContent Guidelines