इस घर के तहखाने में एक छोटा सा अंधेरा कमरा था। जिसमें एक लड़की को बंद करके रखा गया था। कमरे में अधेरा होने के कारण उसका चेहरा साफ़ तो नहीं दिख रहा था, लेकिन कुछ हद तक दिख रहा था। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे। फिर भी उसकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे जो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उसके शरीर पर कई ज़ख्म थे जिनसे साफ़ पता चल रहा था कि किसी ने उसे बुरी त रह पीटा है, और इन ज़ख्मों की वजह से वो बहुत दर्द में थी। इसी बीच एक महिला कमरे में आई, जिसकी उम्र करीब 40 साल होगी और उसने साधारण सफेद साड़ी पहन रखी थी।
Más detalles