कहानी की एक 'मॉडल दुनिया' में रची गई है। यह वह दौर है जहाँ तकनीक ने ईश्वर जैसी शक्तियाँ हासिल कर ली हैं। ऊँची-ऊँची गगनचुंबी इमारतें और उनके बीच उड़ते हुए High-Tech Flying Skateboards इस युग की पहचान हैं। लेकिन इस चमक के पीछे एक काला सच है-यह दुनिया 'फ्यूल क्राइसिस' (ईंधन संकट) से जूझ रही है। ऊर्जा इतनी महँगी है कि आसमान में उड़ना सिर्फ चंद अमीरों की जागीर बनकर रह गया है। ज़मीन पर रहने वाला आम इंसान आज भी धूल, शोर और गरीबी में अपनी पुरानी साइकिलों पर संघर्ष कर रहा है। 2. नायक का परिचय (The Hero) कहानी का नायक 12 साल का नीरव है। वह एक 'अंडरडॉग' हीरो है, जो शारीरिक रूप से अक्षम (आंशिक रूप से बहरा) और आर्थिक रूप से अत्यंत पिछड़ा है। उसके पास न तो ऊँची आवाज़ है, न ही महँगी मशीनें। उसके पास सिर्फ एक पुरानी टूटी साइकिल, उसके पिता का मैकेनिक हुनर और अपमान से जन्मी एक आग है। वह हर दिन 25.5 किलोमीटर का सफर तय करता है, जो उस
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