ये कहानी है कार्तिक सिंघानिया और कनक की,, जहाँ कनक के लिये कार्तिक उसका बचपन का प्यार था,, वहीं कार्तिक के लिये कनक सिर्फ उसकी नफरत थी,,, जिससे वो बचपन से ही नफरत करता आया था,,, ऐसे मैं जब कार्तिक अपने प्यार जूही से शादी करने जा रहा था,, तभी शादी वाले दिन जुही अपनी शादी छोड कर कहिं चली जाती है,,, तब मजबूरी मैं आकर अपने दील मैं कनक के प्रति कड़वाहट लिये कार्तिक , कनक से शादी करता है,,, और खूद से वादा करता है की वो कनक की जिन्दगी नर्क से भी बत्तर बना देगा ।।। क्या होगा इस शादी का अंजाम? क्या कनक जगा पाएगी प्यार कार्तिक के दिल मैं? या हो जाएगी उसकी नफरत की शिकार?
किसी ने सच कहा है की " ये इश्क़ नहीं आसान , बस इतना समझ लीजिये एक आग का दरिया और डूब के जाना है " । ये कहानी है शिवांश सिंह रायज़ादा और गौरी महाजन की , एक आग है तो दूसरा पानी । एक अपनों के लिए जान ले सकता है तो दूसरी अपनों के लिए जान दे सकती है ।एक दुसरे से बिलकुल अलग हैं दोनों तो फिर कैसी होगी इनकी प्रेम कहानी ? जानने के लिए पढ़िए " Ishq Nahi Asaan