ये कहानी नहीं एक दिलदार, मनमौजी, हंसमुख फौजी की प्रेम भरी दास्तां हैं जहां वो एक लड़की से, मंदिर में मिलता है। "खाटू श्याम जी का मंदिर।" लड़की जो जिंदगी से हार चुकी है जिसे अब किसी की चाह नहीं। ना स्वयं के जीने की चाह बची है। दुनिया में उसे किसी का भरोसा नहीं रहा है और फौजी जो लड़की की सादगी और शांत स्वभाव पर अपना दिल हार बैठा है। दिया शादी करना तो दूर, शादी का ख्याल भी मन में नहीं लाती। फौजी कैसे और कब अपने प्रेम का इजहार करेगा ? एक राजस्थानी फौजी, उत्तर प्रदेश की लड़ की का दिल जीत पाएगा? प्रिय पाठकों ये प्रेम कहानी वर्तमान समय पर जो घट रहा है उसी साक्ष्य पर लिखी जा रही है, इसलिए अपने कीमती समय में से कुछ पल एक फौजी की प्रेम कथा के नाम कर दीजिए।
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