पजेसिवनेस जब लत बन जाए, तो मासूमियत का शिकार होना लाजमी है।
यह कहानी है कॉर्पोरेट जगत की उस बेहद आकर्षक और ताकतवर महिला की, जिसके 6 फीट के कसरती और मजबूत बदन, सम्मोहित कर देने वाली हरी आँखों और सुर्ख लाल होंठों के सामने पूरी दुनिया घुटने टेकती है। वह जितनी खूबसूरत है, उतनी ही बेरहम और जिद्दी भी। उसका एक ही नियम है-जो उसे पसंद आ गया, वह उसे किसी भी कीमत पर हासिल करके रहती है। उसकी पसंद पर नजर डालना भी मौत को दावत देने जैसा है।
दूसरी तरफ है एक 23 साल की बेहद खूबसूरत, नाजुक और मासूम लड़की, जो अपनी क्रूर सौतेली माँ के जुल्मों के कारण फूड डिलीवरी करने पर मजबूर है। वह दुनिया के शातिर नियमों से बिल्कुल अनजान है, और उसका दिल कांच की तरह साफ है। वह बस एक अच्छी कॉर्पोरेट नौकरी का सपना देखती है।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है, जब एक मामूली फूड डिलीवरी के दौरान दोनों का आमना-सामना होत
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