Khalipan....

Khalipan....

  • WpView
    Reads 752
  • WpVote
    Votes 18
  • WpPart
    Parts 1
WpMetadataReadComplete Fri, Mar 15, 2013
All Rights Reserved
Join the largest storytelling communityGet personalized story recommendations, save your favourites to your library, and comment and vote to grow your community.
Illustration

You may also like

  • अभिलाषा
  • Nadaniya...Dil Ki
  • Kisiki kahaani toh hogi.
  • Ti odio. Credo
  • Alfaaz Jo Dil Ke Dil Mai Reh Gye - Words That Stay Within The Heart Of A heart
  • PANCHI, PINJRA TOD DO 🕊️🔥
  • हुस्न और इश्क़ (Husn Aur Ishq)
  • Fated Classroom
  • Main Shayar Toh Nahi: A Hindi Poetry
  • Flawed and fine

क्रोध भी प्यारा लगा अवरोध भी प्यारा लगा, इक रूट को तरसा जिया हर रूट हत्यारा लगा, नारी ही वह जात जिसको लोग अबला कह गये, इनकी हस्ती को ना समझे नासमझ ही रह गये, इनको कस्ती जो ना समझा छोर मजधारा लगा! इनकी हिकमत बा वफा से बेवफा हो गया, इनकी ताकत खोके ओ अपनी ही ताकत खो गया, इनको 1+1=२ ही समझा ना उन्हें ग्यारा लगा! अपने कानो से सुनी झरनों से इनकी दास्तान, जिस तरफ ही जाइए मिलते हैं इनके ही निसान, दूर से गिरता हुआ पाहन पे जल धारा लगा! ये नहीं तो कुछ नहीं, ना है जमीं ना आसमान, इन बिना सूना यहाँ सूना वहाँ सूना जहान, इन बिना सूनी है मंदिर सूना गुरुद्वारा लगा, हाल दिल कहते रहे अबना कहेंगे बार-बार, कब समा रंगीन होगा कर रहे हम इन्तेजार, अब समझ भी जाइए क्या 'नाज़' को न्यारा लगा!

More details
WpActionLinkContent Guidelines