कैलाश विजयवर्गीय ने राष्ट्रनीति और जनसेवा के आदर्शों से प्रेरित होकर राजनीति में कदम रखा। 1975 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरुआत की और 1983 में इंदौर नगर निगम के पार्षद बने। 1990 में भाजपा ने उन्हें इंदौर-4 से विधानसभा का टिकट दिया, जिसे उन्होंने जीतकर पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरा। इसके बाद 1993, 1998 और 2003 में इंदौर-2 से लगातार जीत हासिल की। 2000 में इंदौर के पहले निर्वाचित मेयर बने। 2008 में महू सीट से चुनाव जीतकर भाजपा की झोली में डाली और 2013 में फिर से महू से विजयी हुए। 2023 में इंदौर विधानसभा क्षेत्र एक से बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उनकी नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया। Visit For More Information : https://bit.ly/4dKZWwS
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कैलाश विजयवर्गीय का राजनीतिक सफर | Kailash Vijayvargiya
General Fictionकैलाश विजयवर्गीय ने राष्ट्रनीति और जनसेवा के आदर्शों से प्रेरित होकर राजनीति में कदम रखा। 1975 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरुआत की और 1983 में इंदौर नगर निगम के पार्षद बने। 1990 में भाजपा ने उन्हें इंदौर-4 से विधानसभा का टिकट दिया, जिसे उन...