Saumya0496

तुमको पा के क्या पाया है
          	सृष्टि के कण कण से पूछो
          	तुमको खोने का दुःख क्या है
          	कौसल्या के मन से पूछो
          	द्वार मेरे ये अभागे
          	आज इनके भाग जागे
          	
          	
          	बड़ी लम्बी इन्तेज़ारी हुई
          	रघुवर तुम्हारी तब
          	आयी है सवारी
          	
          	संदेशे आज खुशियों के
          	हमारे नाम आये है
          	बजाओ ढोल स्वागत में
          	मेरे घर राम आये है
          	
          	Wish you all a very Happy Diwali