हम खुद की नहीं ख़ुदा की सुनते हैं। रूह के, हर एहसास को  टटोलते हैं। कलम से, इश्क़ के जज़्बात बोलते हैं। कागज़ पर, दिल के ख़्वाब डोलते हैं।
  • JoinedJanuary 21, 2026


Story by aankhei
Rohaaniyat rooh se Rubaroo  by aankhei
Rohaaniyat rooh se Rubaroo
कहते हैं। ख़ामोशी तन्हा इबादत है। ख़ामोशी सुकून हैं। लेकिन क्या हो जब एक इंसान अपनी जिंदगी में ख़ामोशी को इस...
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