एक कवि मन हज़ारो भाव का बना होता है जिसमे कभी विज्ञान कभी गणित कभी मानविकी सबकुछ की समझ होती है बस उन्ही सब ज्ञानमे गोते लगते हुए यहां भी हु और कविता कभी उम्र और परिचय का मोहताज नही होती, कही जंगल मे बैठे बाल्मीकि पहला श्लोक बोलते है तो महलो में रहने वाली मीरा कृष्णा की दासी बन जाती है, कही सत्ता की हनक में दिनकर होते है तो पद्मावती का श्रृंगार लिखते जायसी, अब कविता के कवि के इतने रूप हर कही तो मिल ही जाते है तो फिर क्या है गोते लगाइये फिर वो चाहे कबीर की सधुक्कड़ी हो या बच्चन की मधुशाला हो या कुमार विश्वाश का प्रेम मिक्सर,
  • JoinedJanuary 7, 2019


Following


Stories by peswashridhar
काश  by peswashridhar
काश
बस यूं ही
ranking #42 in poem See all rankings
हां.... एक रिश्ता... by peswashridhar
हां.... एक रिश्ता...
कभी कभी कुछ कविता अनायास ही लिख जाती है , परंतु वो हमारे जीवन पर गहरी छाप डालती है,ये कविता ठीक वैसे ही है...
ranking #316 in hindi See all rankings
1 Reading List