|| असर ये कैसा तेरी चाहत का है मुझ पे हो गया?
ज़र्रा-ज़र्रा मेरे दिल का अब तुझ में ही खो गया
मेहर वाला वो रब बरसा है जब से तू है मिल गया
तुझ को पा के ऐसा लागे कि खुद से हूँ मिल गया ||
Hmmmm
|| असर ये कैसा तेरी चाहत का है मुझ पे हो गया?
ज़र्रा-ज़र्रा मेरे दिल का अब तुझ में ही खो गया
मेहर वाला वो रब बरसा है जब से तू है मिल गया
तुझ को पा के ऐसा लागे कि खुद से हूँ मिल गया ||
Hmmmm