मैं कोई writer बनने नहीं आई।
मैं बस अपने अंदर की खामोशी को शब्द देना चाहती हूँ।
जो बातें बोल नहीं पाई,
उन्हें लिखना थोड़ा आसान लगा।
मेरी कहानियाँ परफ़ेक्ट नहीं हैं,
लेकिन ईमानदार हैं।
ये उन एहसासों के बारे में हैं
जो मुस्कान के पीछे छुप जाते हैं।
अगर मेरे शब्द
किसी एक दिल को भी
थोड़ा समझा हुआ महसूस करा दें,
तो यही मेरे लिए काफ़ी है।💙💙
- JoinedJanuary 15, 2026
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यह कहानी हिम्मत दिखाने के लिए नहीं लिखी गई।यह उस खामोशी की आवाज़ हैजो बहुत छोटी उम्र में बड़ी हो गई।जहाँ रोना मना था,वहाँ मुस्कान सीखी गई।और जहाँ सवाल थे,वहाँ चुप रहना आदत बन गई।अगर तुमने भी क...View all Conversations
Story by khaamoshiyan
- 1 Published Story
जहाँ रोना मना था..🙂_🥺
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Chapter 01 :( बचपन)
बचपन...
एक ऐसा समय,
जो हमें हमारी आख़िरी साँस तक
याद बनकर साथ चलता है।
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अगर कि...