19.08.2018 (Hindi)

9 3 2
                                        

धोखे से दिल ये तोड़ दिया
सरेराह हमें अकेला छोड़ दिया
हमारे दर्द की नुमाइश में क‌ई सारे
तमाशबीन भी जुटा लाए

अब ऐसे बेचैन से क्यूं हो?

हम कठपुतली थोड़ी हैं जो तुम्हारे इशारों पर नाचें

Poems by Wizard's Apprentice (Book 4)Stories to obsess over. Discover now