रात की कालिमा हर लो तुम ,
मुट्ठी में उजाला भर लो तुम ,
साये का हाथ जकड़ लेना ,
जुगनू का साथ पकड़ लेना ,
उम्मीद का दामन बाँध रखो ,
कदमों को अपने साध रखो
यूँ रहगुजर अधूरा मत छोड़ो ,
ये सफर अधूरा मत छोड़ो ! !
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✓|शब्द..... जो सोच से परे है|
PoetryTᕼOᑌGᕼT ᗩᕼᗩT KI ᒪᗩKIᖇ ᑎᗩᕼI.. ᗰᗩᑎ KI ᗩᗯᗩᒍ ᕼE...ᒍO ᕼᗩᖇ IᑎSᗩᑎ KO IᑎSᗩᑎIᗩT..KI ..ᗪISᗩ ᗪIKᕼᗩTI ᕼE..