#शायरी

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दरवाजा तोड़कर आ गया वह अंदर तक,

जी ममी ठीक से ताला लगाया था मैंने,

पता न दिल तक आ गया वह कैसे,

कल रात बस ख्वाबों में गोता लगाया था मैंने..

                       _अंकित सिंह हर्ष

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