नीति सोच रही थी नमन से मिलने के बारे में.....अन्दर से उसका दिल डर भी रहा था कि कितना घटिया आदमी है नमन और उससे मिलने जाना पड रहा है....लेकिन एक राक्षस को मारने के लिये रिस्क तो लेना ही पडता है !
तभी रवी नीति के पास आकर बोला ;-" तू तैयार है ना 5 बज गये है मैने यहां से सारा सामान हटा कर निकाल दिया है अब यहा कुछ नही हमारा बस घर का फर्नीचर है और कुछ नही क्योकि हमें अब यहा वापस रावण को मार कर ही आना है !
नीति ";- हा मैं तैयार हू मैने सोच लिया है सब कि कैसे नमन से बात करनी है !!!!!
बस अब रवी और नीति नमन का ही इन्तज़ार कर रहे थे कि उसी वक्त एक कार आके घर के बाहर रूकी !
रवी बाहर देखने के लिये उठा और बाहर का गेट खोल कर देखा नमन कार से उतर रहा था !
नमन ने काला चश्मा, काली कमीज और काली पैंट पहन रखी थी हीरो बन के आया था !
रवी ;-" आओ भईया नमन ! बैठो मैं क्या चाय पानी का बन्दोबस्त करू ???
नमन अपने चश्मे उतार कर नीति की तरफ देखता हुआ बोला ";- नही नही चाय पानी की जरूरत नही हम बाहर ही पी लेगे ! क्यो इन्दु ?
नीति एकदम से बोली जो थोडा डर सी गई थी ";- हा बाहर ही पी लेगे !!
नमन ने चलने का इशारा किया और बाहर की तरफ चल दिया !
नीति उसके पीछे पीछे चल दी ,नीति ने चोर नजरो से रवी की तरफ इशारा किया जो उसी को देख रहा था !
नमन ने नीति के लिये गाडी का दरवाजा खोल दिया ! नीति गाडी में बैठ गई ,घूम कर नमन भी गाडी मे बैठ गया !
गाडी में बैठते ही नमन नीति की तरफ देखता हुआ बोला ";- बहुत ही खूबसूरत हो तुम ,मुझे तो तुमको देखते ही प्यार हो गया !
नीती उसकी बात सुन कर मन ही मन सोच रही थी कि ये बात राज के मुंह से अच्छी लगती थी इस राक्षस के मुंह से नही !
नीति को नमन से अन्दर से घिन और गुस्सा आ रहा था लेकिन फिर भी नीति ने जवाब दिया ";- हा मुझे भी आप बहुत अच्छे लगे !
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अंत
Mystery / Thriller"नमन;-" वैसे तेरी बहन थी बहुत मजेदार... बहुत मज़ा करवाया उसने मुझे..साली खुद ही कपड़े उतार देती थी.. अपना एक एक अंग दिखा दिखा कर कपड़े उतारती थी कि एक नशा सा हो जाता था मुझे..साली रोज़ चूस चूस कर मांगती थी.."" राज़;-" साले हरामजादे!!! हाथ खोल मेरे...
