Chapter-23

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राज गाडी मिल के अन्दर ले गया और गाडी रोक कर रवी से बोला";-" जा पहले गेट बन्द करके आ मै इसे संभालता हूं !

राज ने खीच कर नमन को गाडी से नीचे उतारा और अन्दर पडी एक कुर्सी पर बिठा कर बांध दिया !

राज ने नमन के आंखों की और मुंह की पट्टी खोल दी !

नमन राज नीति और रवी को देख कर दंग रह गया !

वो एकदम से बोला ";- तुम लोग ?????""मुझे इस लडकी पर शक तो हुआ था पर मैं समझ नही सका इस कुतिया की चाल !

नमन के मुंह से गाली सुन कर राज ने एक जोर से मुक्का नमन के मुंह पर दे मारा ...उसका मुहं एक तरफ लुढक गया !

राज ";- कुत्ते ये तेरा पुलिस स्टेशन नही है जहां तू बकवास करेगा....अब अपने दिन गिन ,बहुत बोल रहा था उस दिन घिनौनी बाते ,बहुत जुल्म कर लिये तूने ,अब हमारी बारी !

नमन ";- गलती कर रहै हो तुम लोग !!!!  मेरे बाप को पता लग गया तो तुम लोगो को जिन्दा गाड देगा !

राज ";- तेरे बाप तक तुझे पहुंचने दूंगा तब ना ! अब तू और तेरा बाप अपनी बरबादी का तमाशा देखो !!

नीति ";- ये इतना फट्टू निकले गा मैने सोचा नही था ,आसानी से आ गया गन्दे दिमाग का मेरे साथ !

रवी ";- दिमाग तो इसका गन्दा ही है अगर गन्दा ना होता तो ये आज यहां ना होता !

रवी ने एक मुक्का नमन के मुंह पर दे मारा !

नमन के मुह से खून आने लगा !

नमन ";- तुम लोग समझ नही रहै कि कितनी बडी गलती कर रहै हो ,तुम मे से कोई जिन्दा नही बचेगा !

राज ;-" रवी इसके जूते खोल !

रवी ;-" क्यों ? जूते क्यो खोलू ? इसको मार देते है किस्सा खत्म !

रवी ने नमन के जूते खोल कर एक तरफ फेक दिये !

राज नमन के दोनो पैरो पर अपने जुतो समेत खडा हो गया !

कुर्सी पर बधां नमन दर्द से कराह उठा !!

राज ";-" क्यों ..... दर्द हुआ ?

राज नमन के पैर अपने जूतों से रगडते हुये बोला " अब बोल जितना बोलना है मैं तुझे मारूगा नही क्योकि तेरे कुत्ते बाप को भी यही बुलाऊगा तेरे साथ फिर दोनो को साथ मारूगा !!

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